पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बलविंदर सिंह पर एक बाइक सवार बदमाश ने रोड रेज के दौरान हमला किया, जिसमें फोन छीनने का प्रयास भी शामिल था. यह घटना 6 दिसंबर 2025 को आजाद नगर मेट्रो स्टेशन के पास रेड लाइट पर हुई, जब जज अपनी कार से कोर्ट जा रहे थे. बदमाश ने कार का गेट जबरन खोलकर जज को पीटा और धमकी दी कि उसके खिलाफ पहले से कई केस हैं, इसलिए पुलिस या कोर्ट कुछ नहीं कर सकते.
घटना का विवरण
जज बलविंदर सिंह आजाद नगर में परिवार के साथ रहते हैं, जहां से कड़कड़डूमा कोर्ट की दूरी मात्र दो किलोमीटर है. घर से निकलते ही बाइक सवार ने गलत तरीके से ओवरटेक किया, धीरे चलने लगा, और हॉर्न बजाने पर भड़क गया. उसकी बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी, और भीड़ जमा होने पर वह भाग गया.
कानूनी कार्रवाई
हमले के बाद जज ने हिम्मत दिखाते हुए कोर्ट ड्यूटी पूरी की और फिर कृष्णा नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने हत्या के प्रयास (IPC 307), मारपीट, आपराधिक धमकी समेत कई धाराओं में FIR दर्ज की है. आरोपी की तलाश जारी है, लेकिन जज के पास कोई पुलिस सुरक्षा नहीं होने से यह मामला कानून व्यवस्था पर सवाल उठाता है.
Expert Vakil की सलाह
जजों जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों पर हमले गंभीर अपराध हैं, जो CrPC 154 के तहत तत्काल FIR और मजिस्ट्रेट जांच की मांग करते हैं. पीड़ित पक्ष मजबूत साक्ष्य जैसे CCTV फुटेज या गवाहों से IPC 307/506 के तहत सख्त सजा सुनिश्चित कर सकता है, जिसमें 10 वर्ष तक कैद संभव है. वकीलों को सलाह है कि ऐसे मामलों में उच्च न्यायालय में सुरक्षा याचिका दायर करें, क्योंकि दिल्ली में रोड रेज बढ़ रहा है




















